अमोढ़ा में निजी चिकित्सक ने खाया जहर, मौत; सुसाइड नोट में लेखपाल पर गंभीर आरोप
इस संबंध में छावनी थाने के प्रभारी निरीक्षक राणा डीपी सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सुसाइड नोट के आधार पर सभी बिंदुओं पर बारीकी से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अजीत मिश्रा (खोजी)
चकबंदी लेखपाल पर जमीन में हेरफेर का आरोप लगाकर निजी चिकित्सक ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट बरामद
- लेखपाल पर जमीन में हेरफेर का आरोप, निजी चिकित्सक ने की आत्महत्या
- अमोढ़ा के चर्चित चिकित्सक की संदिग्ध मौत, सुसाइड नोट बरामद
- शादी से 4 महीने पहले डॉक्टर ने तोड़ा दम, परिवार में कोहराम
अमोढ़ा, बस्ती। छावनी थाना क्षेत्र के अमोढ़ा कस्बे में एक निजी चिकित्सक ने विषाक्त पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। लखनऊ में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक के पास से मिले सुसाइड नोट में चकबंदी लेखपाल पर जमीन को इधर-उधर करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अमोढ़ा कस्बा निवासी 38 वर्षीय डॉ. गणेश श्रीवास्तव पुत्र पवन कुमार श्रीवास्तव ने मंगलवार की रात संदिग्ध परिस्थितियों में कोई विषाक्त पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें इलाज के लिए लखनऊ ले गए, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

बुधवार सुबह एंबुलेंस से शव अमोढ़ा स्थित घर पहुँचा तो परिवार में कोहराम मच गया। पूरे कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना पर छावनी पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुँची और परिजनों से पूछताछ कर साक्ष्य जुटाए। 
मृतक के भाई ईश्वर चंद्र श्रीवास्तव उर्फ मोनू ने छावनी थाने में लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। तहरीर में चकबंदी लेखपाल पर जमीन संबंधी मामले में प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है। बताया जा रहा है कि मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें लेखपाल पर जमीन की पैमाइश में हेरफेर का आरोप है।
इस संबंध में छावनी थाने के प्रभारी निरीक्षक राणा डीपी सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सुसाइड नोट के आधार पर सभी बिंदुओं पर बारीकी से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्षेत्र में शोक की लहर
डॉ. गणेश श्रीवास्तव पिछले एक दशक से अधिक समय से अमोढ़ा कस्बे में किराए के मकान में डिस्पेंसरी चलाकर निजी चिकित्सा सेवा दे रहे थे। वह जरूरत पड़ने पर 24 घंटे मरीजों की सेवा के लिए उपलब्ध रहते थे, जिसके चलते वह क्षेत्र में काफी लोकप्रिय और सम्मानित थे। वह पांच भाइयों में सबसे छोटे थे। परिजनों के अनुसार उनकी शादी नवंबर 2026 में तय थी। उनकी अचानक मौत से परिजनों सहित मरीजों और क्षेत्रवासियों में गहरा शोक व्याप्त है।
















